Smartphone Se Hone Wale Nukshan
Smartphone Se Hone Wale Nukshan

Smartphone Se Hone Wale Nukshan

आज के समय में मोबाइल सभी के जीवन का हिस्सा बन गया है। अगर मोबाइल ना हो तो बहुत लोगों को रहा नहीं जाता है। चाहे वह बच्चे हो या फिर कोई युवा। मोबाइल फोन एक आदत सा बन गया। बहुत से लोग तो ऐसे हैं कि अगर उनके पास फोन ना हो तो वह अपने आप को बिल्कुल अकेला महसूस करते हैं।

अगर किसी भी इंसान को कोई काम दे दिया जाए तो वह ज्यादा देर तक करते-करते बोर हो जाएगा। लेकिन अगर उसे फोन दे दिया जाए तो वह दिन भर चलाते चलाते समय खत्म कर देगा। आज के समय में ज्यादा लोग कहीं जाते समय फोन चलाते हैं। यह तो कम ही है। बहुत से लोग ऐसे हैं कि वह खाना खाते समय भी मोबाइल फोन चलाते हैं।

ऐसा करने में लोगों को सुख का अनुभूति होती है। बहुत ज्यादा सुकून मिलता है। पर उन्हें यह नहीं पता कि इस सुकून के चक्कर में अपने आपको वह कितना नुकसान पहुंचाते हैं।
इस आर्टिकल में हम आपको विस्तार से बताएंगे कि अगर आप दिन भर अपने मोबाइल फोन से चिपके रहते हैं। तो आपको इससे क्या क्या नुकसान हो सकते हैं।

Smartphone Se Hone Wale Nukshan

आँख की रौशनी

अगर किसी को ज्यादा फोन चलाने की आदत लग जाती है। तब उसे यह पता नहीं चलता है कि दिन है या फिर रात। उसे तो बस अपना फोन दिखता है। आपको बता दें स्मार्टफोन से रंगीन या नीले रंग का जो स्क्रीन से लाइट निकलती है। वह हमारे आंख के रोशनी पर बहुत बुरा प्रभाव छोड़ती है। फोन के ज्यादा इस्तेमाल करने से आपको आंख से संबंधित बहुत सी समस्याएं आ सकती हैं। यहां तक कि आपकी आंख की रोशनी तक जा सकती है।इसलिए अगर आप मोबाइल का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। तो इसे ठीक करने की कोशिश करें।

नींद की समस्या

रात के समय में मोबाइल चलाते चलाते पता नहीं चलता है। कि कितना समय हो गया। जबी आप रात में मोबाइल चलाते हैं। तो आपको नींद भी नहीं आती है क्योंकि मोबाइल चलाते समय फोन के स्क्रीन से जो किरणे निकलती हैं। वह सीधी हमारे आंख में जाते हैं। और हमें नींद आने के लिए जो मेला टॉनिक बनता है उसे बनने से रोकती हैं। जिससे हमें फोन चलाने से नींद नहीं आता है। और जो हमारा सोने का समय होता है। वह भी बिगड़ जाता है। और हम पूरी नींद भी नहीं ले पाते हैं।

मानसिक विकार

क्या हम रात में ज्यादा फोन चलाते हैं। तो हमारी नींद अच्छे से पूरी नहीं होती है इससे हमारे दिमाग को आवश्यकतानुसार आराम नहीं मिलता है। और अगर दिमाग को आराम ना मिले तो अच्छे से काम करना काम नहीं कर पाता और अगर ऐसा हो तो मानसिक विकार का होना लाजमी है। ज्यादा फोन चलाने से कई तरह के मानसिक बीमारी हो सकती है।

चिड़चिड़ापन

अगर हम उचित नींद ना ले तो चिड़चिड़ापन और झुंझलाहट का शिकार होना कोई बड़ी बात नहीं है। जब आप रात में ज्यादा देर तक मोबाइल चलाते हैं। तो आप आवश्यकता अनुसार नींद नहीं ले पाते हैं। और अगर आपका नींद अच्छे तरीके से पूरा ना हो रहा हो। तो आप चिड़चिड़ापन या झुंझलाहट शिकार हो सकते हैं।

भ्रम पैदा होना

ज्यादा फोन के इस्तेमाल से लोग फोन के आदी हो जाते हैं। और अगर उनके पास फोन ना हो। तो बेचैनी महसूस करने लगते हैं। कई बार ऐसा होता है कि फोन साइलेंट या फिर बंद रहता है। उसके बावजूद लोगों को ऐसा एहसास होता है कि उनका फोन बज रहा है। या वाइब्रेट हो रहा है इसे नोमोफोबिया कहते हैं। यह बहुत बड़ी समस्या पैदा कर सकती है।

शरीर में दर्द और इन्फ़ेक्सन

स्मार्टफोन ज्यादा चलाने से उससे निकलने वाली किरणे शरीर में दर्द, सिर में दर्द जैसी समस्या पैदा करते हैं। इसके अलावा ज्यादा फोन चलाने से इससे निकलने वाली किरणें त्वचा पर इंफेक्शन पहुंचाती हैं। जिसके कारण त्वचा रोग भी हो सकता है।

उम्मीद करता हु की यह आर्टिकल पढ़कर आपको Smartphone Se Hone Wale Nukshan के बारे में पता चल गया। अगर आप ज्यादा फ़ोन चलते है। तो इस आदत को सही करने की कोशिश करे नही तो बहुत बड़ा नुकशान हो सकता है।

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