मर्चेंट नेवी (Merchant navy) क्या है? कैसे ज्वाइन करे? सैलरी , योग्यता।

Merchant navy kya hai

आपको बता दे की मर्चेन्ट नेवी या नेवल इंजीनियरिग इंडियन नेवी के नाम से कुछ मिलता जरूर है लेकिन उससे इसका मतलब कुछ नही है। यह एक व्यवसायिक समुद्री जहाजी बेडा है इनका कम समुद्री यात्री जहाज,मालवाहक जहाज,कंटेनर,तेल व् रेफ्रिजरेटेड जहाजों द्वारा सामान व् यात्रियों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुचाने का है।

ये सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रो में कम करती है। यह करियर बनाने का काफी अच्छा क्षेत्र है यह बहुत ही साहस भरा कार्य होता है अगर आपका करियर इसमें बनता है तो यहाँ आपको समुद्री मार्ग द्वारा विदेशो में घुमने का मौका मिलता है।

करियर:-

इसमें टेक्निकल और क्रू की भर्तीया काफी बड़े पैमाने पर होती है जिनका कार्य जहाज संचालन, तकनिकी रखरखाव और यात्रियो को सेवाएं प्रदान करना है।

आपको बता दे की पहले इस क्षेत्र में केवल युवा आया करते थे लेकिन अब कुछ कार्यो के लिए महिलाये भी आया करती थी।

अंतर्राष्ट्रीय व्यापार का पूरा दारोमदार इसपर निर्भर करता है अलग-अलग देशो के बीच आयत-निर्यात इन्ही जहाजो द्वारा होता है। इसमें प्रशिक्षित स्टाफ की ज्यादा मांग होती है जिसमे नेविगेशन आफिसर ,रेडियो आफिसर इलेक्ट्रिकल आफिसर या मरीन इंजीनियर जैसे पोस्ट आते है। इन क्षेत्रो में करियर बनाने का मौका विदेशी कंपनियो द्वारा भी दिया जाता है।

योग्यता:-

मर्चेन्ट नेवी में 10वीं पास से ग्रेजुएशन डीग्री वालो तक की भर्तीया होती है इस क्षेत्र में जाने के लिए आपकी उम्र सिमा 16-28 साल के बीच होनी चाहिए।

आप 10वीं पास करने के बाद इसके लिए डिप्लोमा कोर्स जैसे पी•सी• ट्रेनिंग फार पर्सनेल, डेक रेटिंग,सेलुन रेटिंग कर सकते है ये सभी कोर्स 3,4 महीने से 1 या 2 साल तक के होते है

12वीं पास के बाद आप नॉटिकल साइंस मरीन इंजीनियरिंग, ग्रेजुएट मैकेनिकल कोर्स कर सकते है यह उनके लिए लिए है जो साइंस से पढ़ाई किये है।

कार्य:-

मर्चेन्ट नेवी का कार्य डेक,इंजन और सर्विसइ डिपार्टमेंट में बटा होता है

डेक विंग में कैप्टन,चीफ ऑफिसर,थर्ड ऑफिसर और जूनियर ऑफिसर आते है।

और इंजन डिपार्टमेंट में चीफ इंजीनियर सेकंड इंजीनियर, थर्ड इंजीनियर, फोर्थ इंजीनियर, इलेक्ट्रिकल ऑफिसर और जूनियर इंजीनियर आते है।

और अगर सर्विस डिपार्टमेंट की बात करे तो स्टुअर्ड,गोताखोर,लिघटफियर,नर्स,नाटिकल सर्वेयर आदि आते है जो प्रोफेशनल किचन,लाँड्री तथा यात्री सेवाएं देते है।

सैलरी:-

इसमें डेक और इंजन विभाग से जुड़े प्रोफेशनल्स को शुरू में 40-60 हजार प्रति माह मिलती है और अगर सर्विस विभाग की बात करे तो इसके शुरुआती दिनों में 15-20 हजार मिलती है अनुभव और पद बढ़ने के साथ सैलरी भी बढ़ती है। टेक्निकल टीम के सदस्य अनुभव और पद पड़ने के साथ-साथ 5-10 लाख महीना कमा सकते है।

इसकी सबसे बड़ी बात इसमे आपको खाना रहना,हॉलीडे,ट्रेवल बोनस के साथ आपके परिवार को कई सुबिधाये मिलती है।

चयन प्रकिया:-

इसमें नॉटिकल साइंस या मरिन इंजीनियरिंग डीग्री कोर्स के लिए जेईई पास करना होता है उसके बाद इनके कालेजो में प्रवेश मिलता है। इसमें आपका मेडिकल फिटनेस सही होना चाहिए। इसमें डायरेक्ट एंट्री की भी व्यवस्था होती है। फिजिक्स केमेस्ट्री मैथ से 12 वीं पास विद्यार्थी डेक कैडेट के तौर पर इस क्षेत्र में जा सकते है। यहा विद्यार्थी कार्य करते हुए भी प्रशिक्षण ले सकता है

इसी तरह मैकेनिकल,इलेक्ट्रिकल और इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट व्यक्ति इंजन कैडेट,फिफ्थ इंजीनियर, जूनियर इंजीनियर में जा सकता है इसके लिए शुरआती दिनों में कोर्स करना पड़ता है।

प्रशिक्षण संस्थान:-

लाल बहादुर शास्त्री कालेज ऑफ़ एडवांस मरीन टाइम स्टडीज एंड रिसर्च,मुम्बई

ट्रेनिंग शिप चाणक्य, मुम्बई

इंडियन मेरीटाइम यूनिवर्सिटी, चेन्नई

मरीन इंजीनियरिंग एंड रिसर्च संस्थान,कोलकाता

जरुरी बातें:-

इस कार्य में चुनौतियां काफी ज्यादा होती है। इसमें मजबूत और बड़ा कद होंअ जरुरी है। समुद्र के बीच महीनो तक रहना परिस्थिति के अनुसार खुद को ढालना काफी कठिन है। इसमें साहस और धैर्य होना बहुत जरूरी होता है।

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