CVV क्या होता है। जाने पूरी जानकारी।

सरकार की पूरी कोशिश हो रही है कि जल्दी से जल्दी लोगों को डिजिटल के तरफ ले जाया जाए ऐसे में लोगों की इच्छाएं प्रबल है कि वह डिजिटल युग में प्रवेश करें क्योंकि इस डिजिटल के कारण लोगों की सभी परेशानियां कम समय में सुलझ जा रही है। अब ऐसे में इस डिजिटलीकरण के चक्कर में लोग ऐसे ऐसे धोखा खा रहा है कि कहने का कोई हद हिसाब नहीं है।

आज के आर्टिकल में हम एक ऐसे टॉपिक पर बात करने वाले हैं। अगर आपके पास डेबिट या क्रेडिट कार्ड है तो इसके बारे में जानकारी रखना जरूरी है जी हां हम बात करने वाले हैं cvv के बारे में कि cvv kya hai इसका फायदा क्या है क्या इसकी मदद से हम कार्ड से पैसे चोरी होने से बचा सकते हैं।

CVV kya hai

cvv का फुल फॉर्म कार्ड वेरीफिकेशन वैल्यू होता है। वैसे cvv kya hota hai अगर आपके पास पेमेंट कार्ड होगा। तो आप जानते होंगे लेकिन अगर नहीं जानते तो अगर आपके पास एटीएम कार्ड होगा तो कार्ड के पिछले हिस्से पर एक ब्लैक कलर की मोटी लाइन जिसे मैग्नेटिक पट्टी करते हैं।

उसके नीचे 3 अंक का एक कोड दिया रहता है इसे cvv कहते हैं अगर आप कहीं भी ऑनलाइन पेमेंट करते हैं तो आपको कार्ड नंबर के साथ साथ cvv कोड भी डालना जरूरी होता है वरना पेमेंट पूरा नहीं होता है। cvv आपको सिक्योरिटी के रूप में दिया जाता है ताकि अगर किसी व्यक्ति को गलती से अगर आपके कार्ड का नंबर पता चल जाए तो वह उससे पैसा नहीं उड़ा पाएगा जब तक कि आप उसको cvv नहीं बताएंगे।

बिना cvv के पेमेंट सक्सेसफुल नहीं होगा। cvv पेमेंट के समय इसीलिए भरवाया जाता है ताकि यह कंफर्म हो सके कि कार्ड आप ही के पास है जिससे आप धोखा ना खा सके।

वैसे सीवीवी 3 अंकों का होता है लेकिन अगर अमेरिकन एक्सप्रेस कार्ड पर देखा जाए तो यह 4 अंकों का आगे की तरफ ही लिखा गया होता है। वैसे सीवीवी को csc, cvv2 जैसे इत्यादि नंबरों से भी जाना जाता है। अलग-अलग कार्ड कंपनियां अलग-अलग नाम देती है। इन सभी का मतलब यही होता है।

CVV के फायदे

मैंने आपको पहले ही बताया कि अगर गलती से आपका कार्ड नंबर किसी को पता चल गया तो जब कार्ड उसके पास नहीं होगा यानी कि cvv उसे पता नहीं होगा। तब तक वह आपको कोई हानि नहीं पहुंचा सकता जबतक आप उसको cvv नही बताएँगे।

क्या cvv से हम पैसा चोरी होने से बचा सकते हैं

देखिए अगर आपका कार्ड कहीं गायब हो गया तो उसके बाद आपका कार्ड भी जो पाया है उसी के पास होगा और cvv भी। क्योंकि कार्ड पर ही cvv रहता है इसके बाद पैसा चोरी होने की संभावना ज्यादा हो जाती है। लेकिन इसके लिए पेमेंट कंप्लीट होने के लिए पहले रजिस्टर मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आती है अगर उसे otp पता चल गया तो पैसा चोरी हो जाती है।

लेकिन अगर किसी व्यक्ति को कार्ड नंबर और रजिस्टर मोबाइल नंबर मिल गया लेकिन cvv नहीं जानता हो तो आप के कार्ड से पैसे नहीं चोरी कर पाएगा। अच्छा यही रहेगा कि आप अपने कार्ड का यह सब जानकारी किसी को शेयर ना करें और पेमेंट भी विश्वसनीय साइट पर ही करें।

उमीद है कि अबतक आपको cvv के बारे में जानकारी मिल गयी होगी। अगर इससे संबंधित कोई और समस्या हो तो कमेंट में पूछ सकते है।

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