Box Office kya hota hai

आज के दौर में फिल्मों का शौक किसे नहीं है। हर कोई चाहता है फिल्में देखना। हो सकता है कि आपको भी फिल्म देखने का शौक हो और सिनेमाघर में फिल्म देखने जाते हो। अगर ऐसा होगा तो पक्का आपका फिल्मों के कमाई से वास्ता जरूर होगा।

कि किस फिल्म ने कितना कमाया और कौन फिल्म हिट रही या कौन फिल्म फ्लॉप रही।

यह सारी जानकारी मिलती है – बॉक्स ऑफिस से। पर क्या कभी आपने गौर किया है कि यह Box Office kya hota hai। यह दिखने में कैसा होता है और बॉक्स ऑफिस कलेक्शन की गणना कैसे की जाती है।

बस इन्हीं सब जानकारियों से इस आर्टिकल में आपको रूबरू कराएंगे तो इसके लिए आप इस आर्टिकल को ध्यानपूर्वक अंत तक पढ़ते रहें।

Box Office Kya hota hai

सबसे पहले जानते हैं कि बॉक्स ऑफिस क्या होता है। सिनेमाघरों में फिल्म देखने के लिए आपको टिकट लेना पड़ता है। और यह टिकट आप सिनेमा हॉल के टिकटघर या टिकट ऑफिस से खरीदते हैं।

यह टिकट जो आप ऑफिस खरीदते हैं इसी को फिल्मी दुनिया में बॉक्स ऑफिस कहा जाता है यह ऑफिस दिखने में भी एक बक्से जैसा लगता है। इसलिए इसे बॉक्स ऑफिस कहा जाता है।

बॉक्स ऑफिस को लेकर एक कमाल की कहानी जुड़ी हुई है। – महारानी एलिजाबेथ के समय में सिनेमाघरों में फिल्में देखने के लिए एंट्री फ्री में होती थी। जिसके कारण सिनेमाघरों में भीड़ इतनी ज्यादा लग जाती थी कि बैठने भर का जगह नहीं बचता था।

अब ऐसे में जो शहर के अमीर व्यक्ति थे उनको जगह नहीं मिल पाता था। साथ में वह शहर के अमीर व्यक्ति भी थे तो इस समस्या को दूर करने के लिए सिनेमाघरों में उस समय बॉक्स के आकार की अलग से कुर्सी बनाकर लगाई गयी। उस समय में भी सिनेमाघरों में ऑफिस हुआ करते थे।

और इन बॉक्स जैसे कुर्सियों पर बैठने के लिए ऑफिस में पैसे देने पड़ते थे। इसलिए ऐसा कहा जाता है। कि ऑफिस और इस बॉक्स वाली कुर्सी के आपस में तालुकात होने की वजह से उस ऑफिस को बॉक्स ऑफिस कहा जाने लगा। और तभी से उस ऑफिस का नाम बॉक्स ऑफिस पड़ गया।

Box Office कलेक्शन की गणना कैसे होता है?

चलिए अब तक आपने जाना की Box office kya hota hai। और यह कैसा होता है अब बारी है। यह जानने की Box Office कलेक्शन की गणना कैसे होती है। यानी कि कैसे पता चल पता किया जाता है कि कोई फिल्म पहले वीकेंड और दूसरे वीकेंड में कितनी कमाई की।

आपको बता दें भारतीय फिल्म इंडस्ट्री को 14 सर्किटों में बांटा गया है। और हर एक सर्किट का अपना अलग-अलग एक डिस्ट्रीब्यूटर होता है। आपको पता होगा कि भारत में दो तरह के थिएटर है – सिंगल स्क्रीन और मल्टीप्लेक्स स्क्रीन।

इन दोनों तरह के थिएटर के मालिकों का डिस्ट्रीब्यूटर के साथ अलग अलग टाइप का एग्रीमेंट होता है। यह समझौता मुख्य रूप से डिस्ट्रीब्यूटर को सिनेमाघर द्वारा भुगतान किए जाने के लिए फिल्म शो की संख्या और प्रॉफिट रिटर्न पर आधारित होता है।

यहां पर यह बताना जरूरी होता है कि थिएटर मालिक के पास कितना कलेक्शन इकट्ठा होता है। इसके बाद इसमें से मनोरंजन टैक्स काटा जाता है। उसके बाद एग्रीमेंट के हिसाब से जितना पैसा बचता है। उसका एक हिस्सा डिस्ट्रीब्यूटर को लौटा दिया जाता है।

डिस्ट्रीब्यूटर को थिएटर मालिकों से मिलने वाला रिटर्न सप्ताह के आधार पर दिया जाता है। जैसे मान लीजिए फिल्म मल्टीप्लेक्स में रिलीज होती है। तो पहले सप्ताह के कुल कलेक्शन का 50% दूसरे सप्ताह में 42% तीसरे सप्ताह में 37% और चौथे सप्ताह के बाद 30% भाग फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर को दिया जाता है।

लेकिन अगर फिल्म सिंगल स्क्रीन पर रिलीज होती है तो रिलीज के पहले सप्ताह से लगाए जब तक फिल्म थिएटर में चलेगी उसके कुल कलेक्शन का 70-80% शेयर डिस्ट्रीब्यूटर को मिलता है।

इस प्रकार से डिस्ट्रीब्यूटर का लाभ हानि फिल्म खरीदने की लागत में डिस्ट्रीब्यूटर का हिस्सा हटाकर आता है।

चलिए एक उदाहरण देकर आपको अच्छे से समझाते हैं। मान लीजिए एक मल्टीप्लेक्स में एक टिकट का कीमत ₹100 और 1 दिन में पूरे 100 शो चलते है। और हर एक शो को 100 लोगों ने देखा। तो फिल्म की पूरे दिन की कमाई 100×100×100 = 10 लाख हुए।

अब अगर इसमें से 30% मनोरंजन कर निकाल दिया जाए। तो टोटल कलेक्शन होगा 7 लाख। समझौते के हिसाब से सिनेमा मालिक के द्वारा डिस्ट्रीब्यूटर को दिया जाने वाला हिस्सा होगा टोटल कमाई का 50% यानी कि 3 लाख 50 हजार।

फिर इसी तरह दूसरे सप्ताह में मान लीजिए कुल 80 शो चलते हैं तो कुल कमाई होगी 100×100×80= 8 लाख। इसमें से 30% टैक्स कट जाएगा तो अब कलेक्शन 5 लाख 60 हजार का। दूसरे सप्ताह के समझौते के हिसाब से थिएटर मालिक द्वारा डिस्ट्रीब्यूटर को दिया जाने वाला हिस्सा होगा कुल कमाई का 42%।

इसी तरह तीसरे सप्ताह में भी जब तक फिल्म चलती है। कुल कमाई का समझौते के हिसाब से पैसा डिस्ट्रीब्यूटर को मालिक द्वारा दिया जाता है।

इसी तरह सिंगल स्क्रीन थियेटर में भी कैलकुलेशन होता है। वहां भी डिस्ट्रीब्यूटर को कुल कमाई में 30% टैक्स काट कर 70-80% का शेयर दिया जाता है।

तो कुछ इस तरह से होता है बॉक्स ऑफिस कलेक्शन का पूरा गणना। उम्मीद करता हूं की यह आर्टिकल आपको पसंद आया होगा। आप अपने दोस्तों के साथ इसे शेयर करें और उनको भी इस जानकारी से रूबरू कराएं।

4 COMMENTS

  1. Bahut hi badhiaa article hai Amit bhai….
    Keep writing best articles…..
    🤘🤘🤘🤘👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍

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